देवघर, मई 15 -- चितरा प्रतिनिधि एसपी माइंस चितरा कोलियरी के विस्थापित गांव खून के पुनर्वास स्थल बनवारी डंगाल में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा वाचिका देवी गौर प्रिया के ओजस्वी प्रवचन एवं मधुर भजनों ने देर रात तक श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। कथा पंडाल "राधे-राधे" और "जय श्री कृष्ण" के जयघोष से गुंजायमान होता रहा। तृतीय दिवस की कथा में देवी गौर प्रिया ने माता-पिता की सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताते हुए कहा कि जो व्यक्ति अपने माता-पिता की सेवा करता है और उन्हें प्रसन्न रखता है, उसे चार धाम यात्रा के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में लोग सांसारिक भागदौड़ में इतने व्यस्त हो गए हैं कि उन्हें अपने बुजुर्ग माता-पि...