मुंबई।, जुलाई 9 -- High Court News: बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है, जिसमें बुजुर्ग माता-पिता के हितों की रक्षा की गई है। अदालत ने साफ शब्दों में कहा है कि माता-पिता इस शर्त पर अपने बच्चों को संपत्ति उपहार में देते हैं कि बच्चे बुढ़ापे में उनकी देखभाल करेंगे। यदि बच्चे अपनी इस जिम्मेदारी को पूरा नहीं करते हैं तो माता-पिता अपनी संपत्ति वापस मांग सकते हैं। हाईकोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि यह नियम उन माता-पिता पर भी पूरी तरह लागू होता है जो आर्थिक रूप से पूरी तरह स्वतंत्र हैं और अमीर हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखद की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया है। अदालत मुंबई के लोअर परेल निवासी एक 42 साल के व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसने ट्रिब्यूनल के उस आदेश को चुनौती दी थ...