नई दिल्ली, जनवरी 25 -- वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। उनके दर्शन के लिए लोगों की लाइनें लगी रहती हैं। भक्त महाराज जी का दर्शन करते ही हैं, साथ में उनसे सवाल भी पूछते हैं। ऐसे ही एक भक्त ने प्रेमानंद महाराज जी से सवाल पूछा कि इसी जन्म में माता-पिता और गुरु के ऋण से मुक्त होने के क्या उपाय है? ताकि सभी ऋण उतरने से और नाम जप के प्रभाव से दोबारा जन्म ना लेना पड़े। चलिए जानते हैं कि प्रेमानंद महाराज जी ने क्या जवाब दिया। भगवान की प्राप्तिमहाराज जी कहते हैं कि नाम जप करते हुए जब हमारा भगवत साक्षात्कार हो जाता है। उन्होंने बताया कि एकादशी स्कंध में भागवत में लिखा हुआ है उद्धव जी को भगवान उपदेश करते हैं कि जिसको मेरी प्राप्ति हो जाती है, तो वह समस्त ऋणों से मुक्त हो जाता है। भगवान की प्राप्ति होते ही ऋषि ऋ...