मोतिहारी, मार्च 24 -- मोतिहारी। वासंतिक नवरात्र के छठे दिन मंगलवार को माता दुर्गा के छठे रुप माता कात्यायनी की पूजा अर्चना नगर के सभी दुर्गा मंदिरों व पूजा पंडालों तथा ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों व पंडालों में की गयी। वेदाचार्य सुशील कुमार पांडेय बताते हैं कि माता कात्यायनी ऋषि कात्यायन की तपस्या के फल स्वरुप उनकी पुत्री के रूप में प्रकट हुई थी। इसी रूप में मां ने महिषासुर का वध किया था। कात्यायन ऋषि ने दुर्गा की तपस्या की थी और वरदान मांगा था कि देवी उनके घर में पुत्री के रुप में जन्म लें। देवी कात्यायनी स्वास्थ्य की देवी हैं। रोग-शोक से मुक्ति तथा शीघ्रविवाह के लिए माता कात्यायनी की पूजा करनी चाहिए। नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी का ध्यान व पूजन करने से भक्तों के मन में सकारात्मकता का विकास होता है।सिंह पर सवारी करती हैं माता कात्याय...