माता के चौथे रूप माता कूष्मांडा की हुई पूजा-अर्चना
मधेपुरा, मार्च 23 -- मधेपुरा, संवाद सूत्र। 26, 27 और 28 मार्च को आयोजित चैती दुर्गा मेला को यादगार और ऐतिहासिक बनाने के लिए चैती दुर्गा पूजा समिति खेदन बाबा स्थान के कार्यकर्ता जुट गए है। 22 मार्च को भक्तों ने मां कुष्मांडा की पूजा अर्चना की। रविवार की संध्या मां कुष्मांडा की भक्तों ने महाआरती की। पूर्व मुख्य पार्षद डॉ.विशाल कुमार बबलू, पंडित रमन कुमार मिश्र ने कहा कि मां कूष्मांडा नवदुर्गा का चौथा स्वरूप हैं, जिन्हें 'सृष्टि की रचयिता' और ऊर्जा का मूल स्रोत माना जाता है। उन्होंने अपनी मंद मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की। इसलिए उन्हें कूष्मांडा कहा जाता है। माता सूर्यमंडल के भीतर निवास करती हैं और सूर्य को ऊर्जा प्रदान करती हैं, जो जीवन शक्ति का प्रतीक है। मान्यता है कि जब सृष्टि में कुछ भी नहीं था, तब माता ने ब्रह्मांड की रचना की। वे संस...
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