हरदोई, जून 24 -- हरदोई। उप्र सरकार द्वारा माटीकला एवं माटी शिल्पकला को बढ़ावा देने हेतु उ०प्र० माटीकला बोर्ड का गठन किया जा चुका है। पर्यावरण को नुकसान के दृष्टिगत प्लास्टिक से निर्मित कप, प्लेट, गिलास, थाली आदि के उपयोग को प्रदेश में प्रतिबन्धित कर दिया गया है। इससे माटीकला के परंपरागत प्रशिक्षित कारीगरों के दिन बहुरेंगे। जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी सुष्मिता सिंह ने बताया कि उ.प्र. सरकार की मंशा के अनुसार मिट्टी के बर्तनों एवं खिलौनों, मूर्तियों आदि को बनाकर जीविकोपार्जन करने वाले ऐसे कुम्हारों एवं परम्परागत करीगरों जिनकी आयु 18 वर्ष से 50 वर्ष के बीच हो को सरकारी योजना का लाभ मिलेगा। 40 लोगों को निःशुल्क विद्युत चालित चाक (इलेक्ट्रिक पाटर व्हील) मशीन देने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। उक्त कार्य से जुड़े कारीगर विभागीय वेबसाइड पर जाकर टूल...