नई दिल्ली, मई 5 -- पश्चिम बंगाल के चुनाव में इस बार उद्योग, रोजगार और विकास से कहीं ज्यादा महिला सुरक्षा, खान-पान और संस्कृति को लेकर गहमाहमी थी। पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह लगातार अपनी रैलियों में कह रहे थे कि इस बार बीजेपी 200 को पार करने वाली है। हालांकि अच्छे-अच्छे विश्लेषकों को भी इस दावे पर यकीन नहीं हो रहा था। 4 मई को दोपहर होते-होते बीजेपी दो तिहाई के बहुमत पर पहुंचने पर कामयाब हो गई। इस बार बंगाल में 'माछ भात' और 'झालमुड़ी' की खूब चर्चा हुई। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि दोनों ही फैक्टर ने चुनाव में बड़ी भूमिका निभाई है। तीसरा फैक्टर 'जय मां काली' का नारा भी कहा जा सकता है।'माछ -भात' को मुद्दा नहीं बना पाई टीएमसी ममता बनर्जी बीजेपी को बंगाली अस्मिता का खतरा बना रही थीं। तभी बीजेपी ने इसका काट निकाल लिया। बीजेपी नेता अ...