वाराणसी, फरवरी 18 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। काशी और प्रयाग के आध्यात्मिक समन्वय के प्रतीक, भगवान कुंभेश्वर महादेव मंगलवार को माघ मेले की पूर्णाहुति के पश्चात पुनः काशी विश्वनाथ धाम पधारे। प्रयागराज के त्रिवेणी तट पर 45 दिवसीय प्रवास के उपरांत काशी में उनका भव्य स्वागत और शास्त्रोक्त विधि से पूजन हुआ। मान्यतानुसार काशी विश्वनाथ के 'कुंभ स्नान स्वरूप' के रूप में भगवान कुंभेश्वर महादेव काशी में विराजमान रहते हैं। प्रतिवर्ष माघ मेले और कुंभ के अवसर पर वे विशेष रूप से प्रयाग क्षेत्र में विराजते हैं। इसी परंपरा के निर्वहन के लिए 1 जनवरी को काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से उन्हें विशेष वाहन से प्रयागराज भेजा गया था। वहां वे न्यास शिविर में निर्मित विशेष मंदिर में कल्पवासियों और देश-विदेश से आए असंख्य श्रद्धालुओं को दर्शन दे रहे थे। मंगलवार...