प्रयागराज, जनवरी 24 -- प्रयागराज। माघ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, साधना और जीवन-परिवर्तन का महापर्व है। इसी उद्देश्य को साकार करते हुए शिविर में गुरुदेव स्वामी कृष्णानंद महाराज के सानिध्य में ध्यान, गुरु-भक्ति और ब्रह्म दीक्षा के महत्व पर आधारित आध्यात्मिक अनुष्ठानों एवं प्रवचनों का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि मनुष्य इस संसार में एक किरदार निभाने आता है, परंतु वही किरदार सत्य मान लेने से जीवन माया में उलझ जाता है। उन्होंने कहा कि जब तक व्यक्ति ध्यान के माध्यम से अपने भीतर नहीं उतरता तब तक वह आडंबरों में ही भटकता रहता है।
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