गंगापार, जनवरी 1 -- प्रयागराज के संगम नगरी में पौष पूर्णिमा से शुरू हो रहे माघ मेला में कल्पवासियों का आगमन शुरू हो गया है। गुरुवार को मेला क्षेत्र में कल्पवासियों के पहुंचने का सिलसिला पूरे दिन चलता रहा। आस्था-विश्वास के अनूठे संगम और विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक पर्व कुंभ में संगम के तट पर रहकर पूजा-पाठ व दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है, इसे कल्पवास कहते हैं। कल्पवास के लिए कई हिस्सों से श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचने लगे हैं। एक माह रहकर यहां कल्पवासी जप, तप, संयमित और अनुशासित ढंग से एक समय भोजन व भूमि शयन करेंगे। यमुनापार के सैकड़ों गांवों व चित्रकूट, बांदा, रीवा,सतना इनके आसपास के क्षेत्रों के कल्पवासीयों का गुरुवार को भी श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला लगातार जारी है। जिसके चलते गौहनिया और आगे के चौराहों पर जगह जगह जाम की स्थिति बनी ह...