नई दिल्ली, दिसम्बर 31 -- क्रिसमस पार्टियों से लेकर न्यू ईयर सेलिब्रेशन तक, साल का यह समय खुशियों और जश्न से भरा होता है। लेकिन देर रात तक जागना, अनियमित खानपान, डिहाइड्रेशन, तेज म्यूजिक और चमकती लाइट्स- ये सब मिलकर माइग्रेन से जूझ रहे लोगों के लिए परेशानी बढ़ा सकते हैं। अक्सर माइग्रेन को 'सिर्फ सिरदर्द' समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, जबकि त्योहारों के मौसम में इसके अटैक बढ़ने की संभावना ज्यादा रहती है। डॉ. अंशु रोहतगी, वाइस चेयरमैन और सीनियर कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट, सर गंगाराम अस्पताल, नई दिल्ली, के अनुसार साल के आखिरी महीनों में माइग्रेन के ट्रिगर्स एक साथ एक्टिव हो जाते हैं- जैसे तनाव, नींद की कमी, पानी कम पीना और सेंसरी ओवरलोड। सही प्लानिंग और कुछ छोटे लाइफस्टाइल बदलाव माइग्रेन को कंट्रोल में रखने में मदद कर सकते हैं। डॉ. रोहतगी ने त्...