नई दिल्ली, नवम्बर 7 -- राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को माइक्रोप्लास्टिक के नमूने लेने, उन्हें जांच को तैयार करने और पहचान करने के लिए एक समान कार्यप्रणाली विकसित करने की प्रगति रिपोर्ट पेश करने के लिए आठ सप्ताह का समय दिया। यह प्रक्रिया पानी, मिट्टी, हवा, कचरे और जीव-जंतुओं सहित पर्यावरण के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद माइक्रोप्लास्टिक की जांच के लिए तैयार की जा रही है। एनजीटी ने भारतीय नमक और चीनी के ब्रांडों और इंसानों के खून में माइक्रोप्लास्टिक की मौजूदगी मिलने की मीडिया रिपोर्टों पर सुनवाई करते हुए सीपीसीबी की ओर से रिपोर्ट जमा करने के लिए और समय मांगने की अर्जी स्वीकार कर ली। मामले की अगली सुनवाई 4 फरवरी, 2027 को होगी। एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ...