नई दिल्ली, सितम्बर 7 -- एक नए अध्ययन में पता चला है कि माइक्रोप्लास्टिक बैक्टीरिया को फैलाने का जरिया बन रहे हैं। 'एनर्जी एंड एनवायरनमेंट नेक्सस' जर्नल में छपे एक शोध में वैज्ञानिकों ने इस खतरे को लेकर चेतावनी दी है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, माइक्रोप्लास्टिक पानी और मिट्टी में मौजूद जहरीले रसायनों और भारी धातुओं को अपनी सतह पर चिपका लेते हैं। जब समुद्री जीव या अन्य जानवर इन्हें खाते हैं, तो ये प्लास्टिक पेट में जाकर उन जहरीले रसायनों को छोड़ देते हैं। वहीं, एक माइक्रोमीटर से भी छोटे 'नेनोप्लास्टिक' अंगों के अंदर तक पहुंचकर नुकसान पहुंचाते हैं। यह भी पढ़ें- बढ़ती गर्मी के कारण दुनियाभर में जहरीली हो रही हवाबीमारियों और एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस का खतरा माइक्रोप्लास्टिक की सतह पर बैक्टीरिया की एक परत बन जाती है, जिसे 'प्लास्टिस्फीयर' कहा जाता है...