बेंगलुरु, सितम्बर 30 -- कभी-कभी कोई छोटा सा फॉर्म भरते समय भी दिल बैठ जाता है। बेंगलुरु के एक अभिभावक के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। ढाई साल की बेटी के स्कूल का रास्ता खोजते-खोजते वे एक ऐसे सवाल से जा टकराए, जो कागजों पर नहीं लिखा था, लेकिन घर के अंदर तक चुभ गया। सवाल यह नहीं था कि बच्ची पढ़ पाएगी या नहीं। सवाल यह था कि उसकी मां नौकरी करती हैं या घर पर रहती हैं। दरअसल, बेंगलुरु के एक अभिभावक ने शहर के कुछ स्कूलों में चल रहे कथित 'बिना लिखे नियम' पर गंभीर सवाल उठाया है। उनके मुताबिक, कुछ स्कूल उन बच्चों को दाखिले में तरजीह देते हैं जिनकी मां घर पर रहती हैं, यानी हाउसवाइफ हैं। अगर मां नौकरी करती हैं, तो बच्चे का आवेदन खारिज भी हो सकता है। यह बात सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। दरअसल, यह मामला रेडिट पर 'बैंगलोर में स्कूल' शीर्षक वाली एक पोस्ट...