जौनपुर, जनवरी 23 -- मछलीशहर, हिन्दुस्तान संवाद। माघ शुक्ल पंचमी बागेश्वरी जयंती एवं श्री पंचमी के नाम से जाना जाता है। इस वर्ष इस पावन पर्व का सुखद संयोग 23 जनवरी दिन शुक्रवार को मिल रहा है। इस दिन से बसंत ऋतु का आगमन होता है पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन भगवान श्री हरि विष्णु की इच्छा से ब्रह्मा जी के द्वारा वाग्देवी ब्रह्म स्वरूपा माता सरस्वती का आविर्भाव हुआ। आचार्य डॉ. शैलेश मोदनवाल ने बताया कि इस दिन विद्यादायिनी मां सरस्वती की पूजा की जाती है। क्योंकि ज्ञान एवं विद्या के बिना जीवन का कोई मूल्य नहीं है। जो सिर्फ मां सरस्वती की कृपा से प्राप्त किया जा सकता है। विद्यार्थियों एवं शिक्षा से जुड़े हुए लोगों के लिए इस दिन देवी सरस्वती की उपासना विशेष महत्वपूर्ण मानी जाती है मां के पावन अवतरण दिवस के दिन विधान पूर्वक किए गए पूजन से सम...