नवादा, जनवरी 24 -- नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। वर दे वीणावादिनी वर दे... और तेरी वीणा की बन जाऊं तार, ऐसी वरदान दे मेरी मां... जैसे भक्ति गीतों की गूंज के साथ शुक्रवार को पूरा नवादा जिला विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की भक्ति में सराबोर रहा। शहर की तंग गलियों से लेकर सुदूर गांवों के खेतों तक, हर तरफ बसंत पंचमी का उल्लास और श्रद्धा का सैलाब देखा गया। विद्यार्थियों ने ज्ञान की ज्योति जगाने की कामना के साथ माता के चरणों में शीश नवाया। ज्योतिषीय गणना के अनुसार पंचमी तिथि की शुरुआत 23 जनवरी को तड़के 02:28 बजे पर हुई और इसका समापन 24 जनवरी को 01:46 की मध्य रात्रि पर होगा। उदयातिथि के महत्व के कारण पूजा 23 जनवरी को ही की गयी। पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त सुबह 07:13 से दोपहर 12:33 बजे तक बना रहा, जबकि अमृत काल अर्थात सर्वोत्तम समय सुबह 09:1...
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