मिर्जापुर, मार्च 20 -- विंध्याचल, हिन्दुस्तान संवाद। वासंतिक नवरात्र के पहले दिन अमावस्यायुक्त क्षयवति प्रतिपदा गुरुवार को श्रद्धालुओं ने मां विन्ध्यवासिनी के शैलपुत्री स्वरूप के दर्शन किए। मां के दरबार में आस्थावानों की लंबी लाइन लगी तो बीच-बीच में मां को समर्पित जयकारे से विंध्यधाम गुंजायमान रहा। श्रद्धालु भोर में गंगा स्नान कर विंध्यधाम में लाइनबद्ध हो गए थे। मंगला आरती के बाद कपाट खुलते ही विंध्याचल महारानी की जय के सामूहिक घोष के बीच दर्शन पूजन का सिलसिला शुरू हुआ। दरबार में लगभग पांच लाख श्रद्धालुओं ने मां की अलौकिक झांकी के दर्शन किए।विंध्य पहाड़ी पर स्थित अष्टभुजा और कालीखोह मंदिरों में दर्शन पूजन कर श्रद्धालुओं ने त्रिकोण परिक्रमा की। मंदिर की तरफ जाने वाले सभी मार्ग दर्शनार्थियों से पटे रहे। गंगा घाटों पर स्नानार्थियों की भीड़ इ...