मिर्जापुर, मई 4 -- जिगना, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के गौरा गांव के परमानपुर में भागवत कथा के पूर्व सोमवार को गंगा पूजन के उपरांत कलशयात्रा निकाली गई। पतित पावनी गंगा का पवित्र जल कलश में भरकर मधुर-मंगल गीत गाते हुए महिलाओं ने गांव का परिक्रमा करते हुए कथा स्थल पर पहुंचीं। जहां कथा मंडप में कलश स्थापना किया गया। कथा व्यास पंडित विष्णु धर द्विवेदी ने भागवत माहात्म्य सुनाते हुए कहा कि अहंकार का अंत कष्टदायक तथा मानवीय व्यवहार फलदायक होता है। ज्ञान व वैराग्य की कथा सुनाते हुए कहा कि वृंदावन में यमुना भक्ति और मां गंगा ज्ञान की प्रतीक हैं। इसलिए वृंदावन में भक्ति युवती बनी और ज्ञान-वैराग्य वृद्ध हो गए। वहीं ज्ञान वैराग्य गंगा के पास पहुंचने मात्र से ही युवक बन गए। गंगा हमारी आस्था की जीवंत प्रतीक हैं। व्यास जी ने कहा कि इस संसार में जब तक व्...