लखनऊ, सितम्बर 28 -- सीने में भारीपन और सांस लेने में तकलीफ से परेशान 18 वर्षीय बेटे को लेकर एक मां चार दिन तक अस्पताल-दर-अस्पताल भटकती रही। परिजनों का आरोप है कि लोहिया संस्थान, ट्रॉमा सेंटर और बलरामपुर अस्पताल में समुचित इलाज नहीं मिला। आखिर में निजी अस्पताल में भर्ती बेटे की मौत हो गई। पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री से शिकायत करने की बात कही है। लखीमपुर के काशीराम आवास निवासी मोनी गुप्ता 23 सितंबर की रात दो बजे वह बेटे हिमांशु को लेकर लोहिया संस्थान की इमरजेंसी पहुंचीं। जांच के बाद डॉक्टरों ने दिल संबंधी गंभीर बीमारी की आशंका जताई। मरीज को लारी कॉर्डियोलॉजी ले जाने की सलाह दी। परिजन मरीज को लेकर लारी की इमरजेंसी पहुंचे। वहां कुछ जांचें कराई गई। इसके बाद मरीज को ट्रॉमा सेंटर भेज दिया गया। वहां आईसीयू में बेड खाली नहीं होने की बात कही गई। क...