नई दिल्ली, अगस्त 25 -- कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई के दौरान शादीशुदा महिलाओं के अधिकारों को लेकर बेहद अहम टिप्पणियां की हैं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पति अपनी पत्नी को घर का काम करने या अपने माता-पिता की देखभाल करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता और ना ही उस पर हुक्म चला सकता है। कोर्ट ने सवाल उठाए हैं कि महिलाओं को मायके जाने जैसी छोटी-छोटी चीजों के लिए भी ससुरालवालों से इजाजत लेने की जरूरत क्यों है। दरअसल मजदूर का काम करने वाले एक शख्स ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इससे पहले फैमिली कोर्ट ने उसे अपनी अलग रह रही पत्नी और बेटी को हर महीने 9,000 रुपये मेंटेनेंस देने का आदेश दिया था। हालांकि पति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उसकी पत्नी घर के काम नहीं करती, उसके माता-पिता की देखभाल नहीं करती और बिन...