नई दिल्ली, जून 26 -- Delhi High Court News: मां-बाप की लड़ाई में बच्चे ही पिसते हैं, उनको मानसिक और शारिरिक कष्ट होता है...। शुक्रवार को एक मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने अहम टिप्पणी की। मामला बच्चे को कस्टडी से जुड़ा है। महिला ने फैमिली कोर्ट के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। जिसे हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया। हाई कोर्ट ने टिप्पणी की कि माता-पिता में से कोई भी बच्चे को दूसरे जीवनसाथी को सौंपने में देरी करने पर अपनी औलाद को ही मानसिक व शारीरिक तौर पर नुकसान पहुंचाते हैं। बच्चे को कई बार अदालत के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जोकि उसके विकास के लिए उचित नहीं है। यह भी पढ़ें- दिल्ली में किलर टीनएजर्स का आतंक! नाबालिग लड़कों ने 4 लोगों को उतारा मौत के घाट मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति तेजस करिया व न्यायमूर्ति मधु जैन की पीठ ने एक मां...