देवरिया, मई 22 -- खुखुन्दू, हिन्दुस्तान संवाद। मठिया शिव मंदिर ब्रह्मस्थान के समीप चल रहे श्री राम कथा के पांचवें दिन अयोध्या से पधारे कथा व्यास रामरक्षा दास ने राम विवाह की कथा का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि विश्वामित्र के साथ राम और लक्ष्मण जनकपुर धाम को जाते हैं और वहां पर पुष्प वाटिका के अंदर प्रथम मिलन भक्ति और भगवान का होता है। माता सीता जी मां पार्वती से वरदान मांगती हैं की हे मां मुझे राम जी पति के रूप में मिले। मां वरदान देती है उन्हीं वरदान के कारण प्रभु श्री राम उनको पति के रूप में मिलते हैं। भगवान शिव के और गुरु के आदेश को पाकर भगवान सहज भाव से धनुष को तोड़ते हैं और शिव धनुष तोड़ते ही मंगल गान शुरू होता है। यह भी पढ़ें- राम-सिया विवाह आत्मा की दिव्य प्रेम कहानी:साध्वी दीपिका भारती माता सीता जी प्रसन्न हो जाती हैं और वरमाल...