देहरादून, सितम्बर 12 -- देहरादून, वरिष्ठ संवाददाता। गढ़ी कैंट स्थित सीता राम मंदिर नीबूवाला, कोलागढ़ में 15 से 23 सितंबर तक मां नंदा सुनंदा महोत्सव होगा। कुर्मांचल सांस्कृतिक एवं कल्याण परिषद गढ़ी कैंट शाखा की ओर से आयोजित यह पर्व कुमाऊंनी परंपरा में देवी को भगवान शिव की पत्नी ही नहीं, बल्कि अपनी ध्याण (बेटी) मानने की अनूठी परंपरा का प्रतीक है।शनिवार को प्रेस क्लब में परिषद के पदाधिकारियों ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि मान्यता है कि हिमालय पुत्र हिमवंत की पुत्रियों नंदा और सुनंदा का विवाह भगवान शिव संग हुआ था और सदियों से ससुराल से मायके (कुमाऊं) आने पर बेटी की तरह ही उनका स्वागत किया जाता है। इस बार भी महोत्सव में केले के वृक्षों से रुई, कपड़े और बांस के माध्यम से मां नंदा और सुनंदा की मूर्तियां कछुए के आसन (कुर्मासन) पर बनाई जाएगी...