किशनगंज, अगस्त 24 -- किशनगंज, निज संवाददाता। किसी बच्चे के कदमों में आई रुकावट केवल उसकी चाल को नहीं रोकती, बल्कि उसके पूरे भविष्य को लेकर परिवार के मन में चिंता पैदा कर देती है। सोनथा, कोचाधामन की सात वर्षीय सिफत परवीन, पिता साबिद अनवर के परिवार ने भी ऐसी ही चिंता का सामना किया। सिफत जन्मजात रूप से मुड़े हुए पैर यानी क्लबफुट की समस्या से जूझ रही थी। परिवार की सबसे बड़ी चिंता थी कि आखिर वह कब और कैसे सामान्य बच्चों की तरह चल पाएगी। गरीब परिवार के लिए इलाज का खर्च सबसे बड़ी चुनौती था। महंगे उपचार और सर्जरी के बारे में सोचकर परिवार की उम्मीद धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगी थी। मां को सबसे अधिक चिंता अपनी बेटी के भविष्य की थी। मन में बार-बार यही सवाल उठता था कि अगर सिफत का पैर ठीक नहीं हुआ, तो क्या वह सामान्य बच्चों की तरह चल पाएगी, स्कूल जा पाएगी, खे...