जमशेदपुर, मई 10 -- एक मां को हाउसमेकर, वर्किंग वुमन और जिम्मेदार मां की भूमिका एक साथ निभानी पड़ती है। अनुसूया बनर्जी इन्हीं मांओं में एक शानदार उदाहरण हैं। उन्होंने काम के साथ-साथ बेटे अर्चिस्मान बनर्जी की परवरिश और पढ़ाई में पूरा समय दिया। नतीजा यह कि अर्चिस्मान ने सीबीएसई 10वीं बोर्ड में 98 प्रतिशत अंक हासिल कर कोल्हान क्षेत्र का सेकेंड टॉपर बनकर सफलता का शिखर छू लिया। अनुसूया बनर्जी खुद एक शिक्षिका हैं। उन्होंने बेटे को केवल अच्छे अंक लाने के लिए नहीं, बल्कि एक नेक इंसान बनने और बिना तनाव के नियमित पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित किया। शिक्षिका होने के नाते उन्होंने समझा कि शिक्षा रटने का नाम नहीं, बल्कि तनावमुक्त प्रक्रिया होनी चाहिए। उन्होंने अर्चिस्मान पर उम्मीदों का बोझ कभी नहीं डाला, जिससे उसकी प्रतिभा खुलकर सामने आई। आज अर्चिस्मान...