सहारनपुर, मई 4 -- सहारनपुर का अंशुमन हत्याकांड महज एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि यह रिश्तों, भरोसे और इंसानियत के टूटने की ऐसी हृदयविदारक दास्तां बन गया है जिसने पूरे शहर ही नहीं, हर मां के दिल को भीतर तक झकझोर दिया। यह कहानी केवल एक मासूम बच्चे की हत्या की नहीं, बल्कि उस विश्वास की निर्मम हत्या की है, जिसे एक मां ने अपनी सबसे करीबी सहेली पर तीन दशकों तक संजोकर रखा था। 30 वर्षों से ज्योति और पूजा के बीच गहरा आत्मीय रिश्ता था। दोनों सिर्फ पड़ोसी नहीं थीं, बल्कि एक-दूसरे के परिवार का हिस्सा बन चुकी थीं। सुख-दुख, त्योहार, पारिवारिक फैसले, बच्चों की परवरिश, हर मोड़ पर दोनों परिवारों के बीच ऐसा अपनापन था जिसे देखकर लोग मिसाल देते थे। ज्योति ने पूजा को कभी पड़ोसन भर नहीं समझा, बल्कि अपनी सबसे भरोसेमंद साथी माना। लेकिन वक्त के साथ पैसों और संपत्ति...
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