नई दिल्ली, मई 11 -- कोटा के सरकारी अस्पतालों में प्रसूताओं की लगातार हो रही मौतों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा मामला जेके लोन हॉस्पिटल का है, जहां सीजेरियन डिलीवरी के बाद 24 घंटे के भीतर एक और महिला की मौत हो गई। इसके साथ ही जेके लोन अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के न्यू हॉस्पिटल में अब तक कुल 4 महिलाओं की जान जा चुकी है, जबकि 8 अन्य की हालत गंभीर बताई जा रही है।डिलीवरी के बाद बिगड़ी हालत, नहीं बच सकी जान मृतका पिंकी महावर (31) को 7 मई को जेके लोन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां देर रात उसका सीजेरियन ऑपरेशन हुआ और उसने एक बच्ची को जन्म दिया। शुरुआत में सब सामान्य लग रहा था, लेकिन अगले ही दिन उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। परिजनों के मुताबिक, पिंकी का यूरिन बंद हो गया और ब्लड प्रेशर तेजी से गिरने लगा। हालत बिगड़...