मां की ममता का कोई मोल नहीं, मां वो समुंदर है, जिसका कोई छोर नहीं
लखीसराय, मई 10 -- चानन, निज संवाददाता। मां की ममता का आंचल बहुत गहरा और बड़ा होता है। जिसमें उसके सारे बच्चे एक समान भाव से पलते और बढ़ते हैं। ऐसा ही खुबसूरत दिन है मदर्स डे । यह एक एक ऐसा दिन होता है, जब बच्चे अपनी मां की ममता, करूना, त्याग, तपस्या व परिवारों के लिए किए गए संघर्षो को सेलिब्रेट करते हैं। रूह के रिश्तों की गहराई मां से शुरू होती है। मदर्स डे पर जवान से लेकर पंचायत प्रतिनिधि, अधिकारी व युवा वर्ग ने अपनी अलग- अलग राय दी। यह भी पढ़ें- ममता, त्याग और स्नेह का प्रतीक है मांमां की महिमा मुखिया संघ के प्रखंडध्यक्ष सह संग्रामपुर मुखिया दीपक सिंह ने कहा कि मां की ममता का कोई मोल नहीं, मां वो समुंदर है, जिसका कोई छोर नहीं। प्रमुख प्रतिनिधि दिनेश यादव ने कहा कि मां की लाड़ प्यार और कड़ी सख्ती ने ही हमें हर परिस्थितियों का सामना करने योग्...
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