गिरडीह, मार्च 9 -- झारखंडधाम, प्रतिनिधि। हीरोडीह थाना क्षेत्र के भंडारो में आयोजित शतचंडी महायज्ञ में अयोध्या की रामलीला देखने एवं प्रख्यात संगीतमय कथा वाचक आचार्य कन्हैयालाल द्विवेदी एवं वृंदावन की सरस्वती देवी के प्रवचन सुनने के लिए आसपास के गांवों से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। शनिवार की संध्या प्रवचन मंच से आचार्य द्विवेदी ने कहा कि "पुत्र कुपुत्र हो सकता है, लेकिन माता कभी कुमाता नहीं हो सकती।" उन्होंने कहा कि मां की ममता, स्नेह और वात्सल्य का कोई मोल नहीं है। जीवन की शुरुआत भी मां के आंचल की छांव में ही होती है और वही मनुष्य को संस्कार देती है।आचार्य द्विवेदी ने कहा कि परा अम्बा जगदम्बा समस्त सृष्टि की जननी और पालनकर्ता हैं। उनकी कृपा से ही यह संपूर्ण कायनात संचालित हो रहे हैं। उन्होंने देवी दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों का व...