नई दिल्ली, सितम्बर 11 -- बांग्लादेश में बेबुनियाद आरोपों में जेल में बंद हिंदू अधिकार कार्यकर्ता और इस्कोन के संत चिन्मय कृष्ण दास को मां के अंतिम संस्कार के लिए केवल पांच घंटे की परोल दी गई। जिस मां की लोरियां सुनकर चिन्मय दास को कभी नींद आया करती रही होगी, अंतिम समय में वह उनके पास भी नहीं रह पाए। उन्होंने कई बार मां से मिलने के लिए परोल की कोशिश की लेकिन क्रूर अदालत ने अंतिम समय में भी उन्हें मां से मिलने नहीं दिया। क्रूरता की हदें तो तब पार हो गईं जब चिन्मय दास को मां की अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए भी केवल पांच घंटे का वक्त दिया गया। इस दौरान वह इस्कोन मंदिर में दर्शन करने भी पहुंचे। मंदिर में वह बेहद भावुक हो गए और रो पड़े। वहीं मां के अंतिम संस्कार के लिए पूरे दिन की भी परोल ना देकर बांग्लादेशी कोर्ट ने भी हिंदू विरोधी मानसिक...