अलीगढ़, अप्रैल 11 -- (राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस) अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। कभी सरकारी अस्पतालों में प्रसव को लेकर हिचकिचाहट रहती थी, लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदल रही है। जिले में मातृ एवं शिशु देखभाल की व्यवस्थाएं न सिर्फ मजबूत हुई हैं, बल्कि महिलाओं का भरोसा भी लगातार बढ़ा है। ब्लॉक स्तर तक मदर एंड न्यूनेटल केयर यूनिट (एमएनसीयू) की स्थापना ने इस बदलाव को नई दिशा दी है। इन यूनिट्स में मां और शिशुओं को अलग नहीं किया जाता, बल्कि साथ रखकर देखभाल की जाती है। इससे शिशु को जन्म के तुरंत बाद मां का स्पर्श, स्तनपान और भावनात्मक सुरक्षा मिलती है, जो उसके विकास के लिए बेहद जरूरी है।स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े भी इस बदलाव की पुष्टि करते हैं। वर्ष 2019-20 में जहां 48,242 प्रसव सरकारी अस्पतालों में हुए थे, वहीं 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 58,400 तक...