आगरा, अगस्त 7 -- श्री चंद्रभान साबुन वाले सेवा ट्रस्ट द्वारा संचालित मुंशी पन्ना मातृ दुग्ध बैंक में इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) आगरा चैप्टर के सहयोग से मातृ दुग्ध बैंक की नीतिगत समीक्षा और संचालन पर संगोष्ठी आयोजित की गई। विशेषज्ञों ने कहा कि मां का अतिरिक्त दूध कई नवजात शिशुओं के लिए जीवनदान बन सकता है। विशेषज्ञों ने बताया कि मां का दूध नवजात के लिए पहली वैक्सीन, पहला पोषण और सबसे सुरक्षित आहार है। यदि किसी कारणवश मां अपने शिशु को स्तनपान नहीं करा पाती, तो वैज्ञानिक प्रक्रिया से सुरक्षित रखा गया मातृ दुग्ध सर्वोत्तम विकल्प होता है। डॉ. संजीव अग्रवाल ने कहा कि जन्म के पहले घंटे में स्तनपान शुरू करना और छह माह तक केवल मां का दूध देना शिशु के स्वस्थ विकास की आधारशिला है। यह भी पढ़ें- Breastfeeding is the infant's first vaccine: ...