औरंगाबाद, मार्च 24 -- वासन्ती नवरात्रि के छठे दिन मंगलवार को मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की विधिवत पूजा-अर्चना की गई और मंदिरों में भक्ति का माहौल बना रहा। अंबा के सतबहिनी मंदिर, देवी मंदिर, चपरा के पंचदेव धाम और कुटुंबा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। भक्तों ने मां के चरणों में शीश नवाकर लाल पुष्प, लाल चंदन, शहद और गुड़ का भोग अर्पित किया तथा सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। आचार्य मिथिलेश पांडे ने बताया कि कात्यायन ऋषि की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर देवी पार्वती ने मां कात्यायनी के रूप में अवतार लिया था और महिषासुर के वध में उनका यह स्वरूप अत्यंत तेजस्वी और शक्तिशाली माना जाता है। सिंह पर आरूढ़ मां की चार भुजाएं हैं, जिनमें अभय और वरद मुद्रा के साथ तलवार और कमल शोभायमान हैं, जो शक्ति, साहस और धर्म की विजय के प्रतीक ह...
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