मां अष्टभुजा के प्राकट्य की आध्यात्मिक स्मृति से जुड़ा है विंध्यवासिनी जयंती
मिर्जापुर, अगस्त 29 -- मिर्जापुर। विंध्याचल की आध्यात्मिक परंपरा में भादो कृष्ण पक्ष द्वितीया का विशेष महत्व है। इसी पावन तिथि पर विंध्य सेवा मंच, शेरकोठी द्वारा मां विंध्यवासिनी जयंती यज्ञ का आयोजन किया जाता है। वर्ष 2009 में प्रारंभ हुआ यह आयोजन इस वर्ष 18वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। मान्यता है कि द्वापर युग में कंस के अत्याचार से भगवान श्रीकृष्ण की रक्षा और उनके जन्म की लीला को पूर्ण कराने में योगमाया शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। श्रीकृष्ण के जन्म के बाद योगमाया ने बालिका के रूप में देवकी की गोद में प्रकट होकर कंस की उस योजना को विफल कर दिया, जिसमें वह कृष्ण को जन्म लेते ही समाप्त करना चाहता था। कंस ने जब बालिका को धरती पर पटकने का प्रयास किया तो वह उसके हाथों से मुक्त होकर आकाश में अष्टभुजा स्वरूप में प्रकट हुईं और कंस को उसके अं...
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