गंगापार, जून 23 -- मांडा, हिन्दुस्तान संवाद। मांडा पहाड़ी क्षेत्र के गांवों में गर्मी चरम पर होने के साथ ही जलस्तर नीचे जाने के कारण कुओं और हैंडपंपों के सूखने से पेयजल संकट बढ़ गया है। हर साल गर्मी के मौसम में पहाड़ी क्षेत्र के तमाम गांवों में स्थानीय प्रशासन को टैंकर से पेयजल उपलब्ध कराना पड़ता है। कुओं और हैंडपंपों के सूखने के साथ ही पेयजल संकट गहरा होता जा रहा है।जनपद के दक्षिणी पहाड़ी भूभाग में स्थित मांडा विकास खंड क्षेत्र के लगभग तीन दर्जन पहाड़ी गांवों में हर साल जून माह में पेयजल संकट गहरा जाता है। नदी, तालाबों और नहरों में पानी न होने से मांडा क्षेत्र का जलस्तर काफी नीचे चला जाता है। जलस्तर नीचे जाने के साथ ही गांवों के कुओं और हैंडपंपों का पानी मटमैला होना शुरू हो जाता है, जो इस समय कीचड़ में बदल चुका है। मांडा दक्षिणी पहाड़ी क...