पीलीभीत, अप्रैल 10 -- बिलसंडा। नगर के देवीस्थान मंदिर पर चल रही संगीतमय श्रीराम कथा के पांचवें दिन गुरुवार को दशरथ मरण,राम वन गमन,केवट संवाद का सजीव चित्रण के साथ मार्मिक वर्णन सुनाया गया। फर्रुखाबाद से पधारे कथावाचक देवर्षि पंकज मिश्रा ने बताया कि प्रभु राम सीता स्वयंवर के बाद जब अयोध्या पहुंचे तो चारों ओर शहनाइयां बजीं,खुशी का माहौल था।अगले ही दिन भगवान राम का राज्याभिषेक होने जा रहा था,तभी माता कैकई को दासी मंथरा ने ऐसी पट्टी पढ़ाई की वह कोपभवन में जा पहुंची।उन्होंने राजा दशरथ से दो वरदान मांग लिए।जिसमें भरत को राजगद्दी,प्रभु राम को बनवास।राजा दशरथ यह सुनकर व्याकुल हुए।लेकिन माता की आज्ञा का पालन करते वह पत्नी सीता को लेकर वन को प्रस्थान करते हैं,उनके साथ भाई लक्ष्मण भी होते हैं।तीनों लोग गंगापार जाते हैं।जहां केवट के साथ उनका बड़ा ही ...