हेमलता कौशिक, जून 16 -- दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक प्रेमी जोड़े (कपल) की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने विशेष विवाह अधिनियम के तहत अपनी शादी के लिए 30 दिन की अनिवार्य नोटिस अवधि के मामले में छूट मांगी थी। इसके पीछे उन्होंने निजी परेशानी का हवाला देते हुए अदालत से मदद करने का आग्रह किया था। हालांकि पीठ ने उनकी मदद करने से इनकार कर दिया और कहा कि सिर्फ निजी मुश्किल या निजी परेशानी, जरूरी कानूनी नियमों को कमजोर करने या उनसे बचने का आधार नहीं हो सकती। जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव की पीठ ने फैसला इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि कानून में जब 30 दिन का समय खत्म होने के बाद ही शादी करने का प्रावधान है, तो अदालत अधिकारियों को इसके उलट काम करने का निर्देश नहीं दे सकती।कालकाजी में दिया था विवाह का आवेदन मौजूदा मामले में याचिकाकर...