मुजफ्फर नगर, मार्च 9 -- मुजफ्फरनगर। स्त्री संचेतना काव्य मंच के तत्वावधान में महिला दिवस के उपलक्ष्य में इंदु राठी के आवास पर मासिक गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसका शुभारम्भ मुख्य अतिथि डा. अ. कीर्तीवर्धन ने दीप प्रज्वलन से किया। गोष्ठी में सचिव निधि शर्मा ने अपनी होली का जोगीरा, एवंम नारी महिला दिवस पर रचना नारी-हाँ नारी हूँ मैं, कभी बेटी, कभी पत्नी बन कर निभाती सारी जिम्मेदारी हू सुनाई। अजंलि उत्तरेजा ने अल्हड उम्र में ब्याही मैं, मेरे सपने हजार थे। टिम्सी ठाकुर ने पुरुष प्रधान समाज का बोल बाला, पर नारी ने इतिहास रच डाला। लक्ष्मी डबराल ने मोह के धागे सब मैने तोड़ डाले भ्रम सदियों तक जो थे मेरे मन ने पाले। रचना सुनाई। इसके अलावा नेहा कौशिक, सीमा मलिक सुमन प्रभा, कीर्ती वर्धन, इंदु राठी ने काव्य की अविरल धारा में खूब डुबकी लगाई। इन्दु राठी के सं...