गंगापार, फरवरी 28 -- करोड़ों खर्च होने के बाद भी अस्पतालों की दशा में सुधार नहीं हो पा रहा है। शुक्रवार की रात दो बजे के लगभग सीएचसी रामनगर में पेट दर्द से कराह रही महिला इलाज के अभाव में काफी देर तक अस्पताल में तड़पती रही। उसे तड़पता देख भाई ओम सिंह यादव, स्वास्थ्यकर्मियों व इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर के लिए इधर-उधर आवाज लगाता रहा, लेकिन कोई दिखाई नहीं दिया। मजबूर भाई अपनी बहन को लेकर पास के एक प्राईवेट अस्पताल गया, जहां के डॉक्टर ने इंजेक्शन देकर पेट दर्द ठीक कर दिया। सीएचसी रामनगर के डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही से रामनगर बाजार में दर्जनों की संख्या में क्लीनिक व प्राईवेट अस्पताल खुल गए। लोगों का कहना है कि बाउंड्रीवाल टूटी हुई है। जिससे अराजकतत्वों का अड्डा बना हुआ है, रंगाई पोताई काफी दिनों से नहीं हो सका है। तीस बेड के रामनग...