फतेहपुर, जनवरी 28 -- फतेहपुर। प्रसव पीड़ा से कराहती सुशीला जिला महिला अस्पताल के लेबर रुम में दाखिल होती हैं। उनके साथ आई सास उसको अंदर तक छोड़ कर बाहर आती हैं। गेट के पास ही उसको एक अधेड़ उम्र की महिला रोक लेती है। एक किनारे ले जाती है, बोलती है यहां सारी सुविधाएं करा देगें, तीन हजार रुपये दे दो। प्रसूता की सास सुंदरी देवी को कुछ समझ नहीं आता। अंदर से बहू के प्रसव पीर में चीखने की आवाज आती हैं। घबरा कर वह तीन हजार रुपये वह अधेड़ उम्र की महिला को दे देती हैं। यह घटना अकेल सुशीला और उनके परिजनों के साथ नहीं हुई। जिला अस्पताल में आने वाली लगभग अस्सी फीसदी प्रसूताओं के साथ होती है। जिला महिला अस्पताल में प्रसूताओं के तीमारदार महिला एजेंटों का शिकार हो रहे हैं। तमाम प्रयासों और दावों के बाद भी वसूली जारी है। जिला महिला अस्पताल में हर दिन करीब...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.