नई दिल्ली, अप्रैल 21 -- नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की पूर्व महिला अध्यक्ष शोभा ओझा ने कहा कि मोदी सरकार महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के जरिए अपना छिपा एजेंडा लागू करना चाहती थी, लेकिन संसद में विपक्ष की एकजुटता के चलते यह प्रयास विफल हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार परिसीमन के माध्यम से सत्ता पर पकड़ मजबूत करना चाहती थी। ओझा ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिला सशक्तिकरण का समर्थन किया है और मौजूदा सीटों पर तुरंत एक-तिहाई आरक्षण लागू करने की मांग दोहराई। उन्होंने सरकार पर महिलाओं के मुद्दों पर जवाबदेही से बचने का भी आरोप लगाया। यह भी पढ़ें- 2023 में पास हुए महिला आरक्षण विधेयक को लागू करे सरकार : कांग्रेस यह भी पढ़ें- मुस्लिम और ओबीसी महिलाओं के आरक्षण के लिए प्राइवेट मेंबर बिल लाएंगे, अखिलेश की सपा का ऐलान यह भ...