नई दिल्ली, अप्रैल 15 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। संसद के दोनों सदनों में 16 से 18 अप्रैल तक होने वाली महिला आरक्षण पर चर्चा का इस्तेमाल राजनीतिक दल चुनावी संदेश देने के लिए करेंगे। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव प्रचार तेज है, ऐसे में यह बहस सीधे मतदाताओं तक संदेश पहुंचाने का माध्यम बनेगी। संसद के दोनों सदनों में महिला आरक्षण विधेयक के लिए सत्ता पक्ष व विपक्ष के दलों ने अपने-अपने सांसदों को तीन दिन के लिए व्हिप जारी कर संसद में उपस्थित रहने को कहा है। ऐसे में, तमाम बड़े नेता इस दौरान संसद में रहेंगे और एक तरह से संसद के दोनों सदन परोक्ष रूप से चुनाव प्रचार के मंच के रूप में भी नजर आएंगे। यह भी पढ़ें- महिला आरक्षण पर चर्चा के दौरान संसद से भी चुनावीं संदेश देंगे नेता यहां से भाजपा व कांग्रेस समेत चुनाव वाले राज्यों से जुड़े दल एवं उ...