लखनऊ, जुलाई 4 -- महिला संगठनों ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को ज्ञापन सौंपकर महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन से अलग करते हुए संसद के आगामी मानसून सत्र में तत्काल लागू कराने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया कि संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 के कार्यान्वयन को अन्य प्रक्रियाओं से जोड़ने के कारण महिलाओं को आरक्षण का लाभ मिलने में अनावश्यक देरी हो रही है। ज्ञापन में अप्रैल 2026 में 131वें संविधान संशोधन विधेयक का विरोध करने में कांग्रेस की भूमिका की सराहना करते हुए कहा गया कि यदि केंद्र सरकार मानसून सत्र में संबंधित विधेयक दोबारा लाती है तो उसका विरोध किया जाए। संगठनों ने कहा कि महिला आरक्षण एक स्वतंत्र संवैधानिक विषय है और इसे किसी राजनीतिक एजेंडे से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि संसद में संशोधन कर जनगणना और पर...