गाजीपुर, मार्च 21 -- मरदह, हिन्दुस्तान संवाद। बरही गांव में वर्षों से निजी भवन में संचालित राजकीय महिला चिकित्सालय को जर्जर बताकर बंद करने की प्रक्रिया शुरू किए जाने पर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया है। सीएमओ कार्यालय की ओर से अस्पताल में तैनात स्टाफ के स्थानांतरण का आदेश जारी होने के बाद ग्रामीणों ने इसका विरोध तेज कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि जिस भवन को जर्जर बताया जा रहा है, वह अभी भी उपयोग योग्य है और यहां अस्पताल की सुविधा जारी रहनी चाहिए। वर्षों से सरकारी भवन निर्माण की कोई ठोस पहल नहीं होने से स्थानीय लोग नाराज हैं। ग्रामीण तेजबहादुर सिंह ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए विरोध की चेतावनी दी है, वहीं नरेंद्र सिंह ने कहा कि किसी भी हालत में अस्पताल को गांव से हटने नहीं दिया जाएगा। महिलाओं ने भी इस फैसले को गलत बताते हुए उच्चाधिकारि...