महिलाओं से हक छीनने वाले ग्रंथ का बचाव क्यों
नई दिल्ली, अगस्त 31 -- सुप्रिया श्रीनेत,अध्यक्ष, सोशल मीडिया, कांग्रेस बीते 22 अगस्त को पुणे में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मंच से तीन शब्द कहे 'स्मैश द पैट्रियार्की' यानी पितृसत्ता को खत्म करो। यह एक बेबाक बयान है, जो भारत के किसी भी राजनीतिक व्यक्ति ने किसी बड़े मंच से कभी नहीं दिया था। देश की आधी आबादी ने इसका स्वागत किया। कार्यक्रम में मौजूद हजारों लड़कियों ने तालियों की गड़गड़ाहट से अपनी स्वीकृति जताई। मीडिया और सोशल मीडिया में तमाम उन लोगों ने भी, जो कांग्रेस से संबंधित नहीं है, राहुल गांधी के इस बयान की दिल खोलकर सराहना की। भाजपा और उससे संबंधित लोग इससे बेहद आहत हो गए। राहुल गांधी ने मनुस्मृति में वर्णित एक औरत को पिता, पति और पुत्र के संरक्षण में रहने के खिलाफ बेखौफ होकर बोला। उन्होंने औरत को ...
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