लखनऊ, जुलाई 4 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता डीजीपी राजीव कृष्ण ने महिलाओं व बच्चों से जुड़े यौन उत्पीड़न के अपराधों में समयबद्ध व कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जांच में लापरवाही बर्दाश्त न किए जाने की चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे मामलों की जांच 60 दिनों में पूरी कर आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल करें और अकारण विवेचक न बदलें।

विवेचना में तेजी लाने के निर्देश डीजीपी ने विवेचना में हो रही देरी और जांच में गुणवत्ता की कमी पर कड़ा रुख अपनाया है। उनकी ओर से सभी पुलिस आयुक्तों, एसएसपी और एसपी को जारी निर्देश में कहा गया है कि गृह मंत्रालय के आईटीएसएसओ (इंवेस्टीगेशन ट्रैकिंग सिस्टम फार सेक्सुअल अफेंसेस) पोर्टल पर प्रदेश की अनुपालन दर और रैंकिंग तय होती है। कई जिलों में गंभीर यौन अपराधों की विवेचना अनुभवी अधिकारियों के बजाय नए उपनिरीक्षकों को सौ...