लखनऊ, मार्च 8 -- अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर एडवा के राज्य कार्यालय परिसर में रविवार को जनगीत, कविता पाठ के बीच महिला आंदोलन के गौरवशाली इतिहास और आज की चुनौतियों पर चर्चा हुई। एडवा, महिला फेडेरेशन, एसएफआई व जनवादी लेखक संघ की ओर से आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत ओ री चिरैया, नन्हीं सी चिड़िया... गीत से हुई। जनवादी लेखक संघ की नाइश हसन ने युद्ध के खिलाफ व शांति के पक्ष में प्रस्ताव रखा। युद्ध में मारी गई ईरान की स्कूली बच्चियों की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया। एडवा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मधु गर्ग ने कहा कि आज नई चुनौतियां और नए खतरे फिर से महिलाओं के सामने हैं। महिलाओं और बच्चियों को उपभोग की चीज बना दिया गया है। यही वजह है कि हर दिन देश में 80 से ज्यादा बलात्कार की घटनाएं दर्ज होती हैं। आजादी के 80 साल पूरे होने वाले ह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.