खगडि़या, अप्रैल 15 -- खगड़िया। नगर संवाददाता नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक युगांतरकारी कदम है। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण का यह प्रावधान केवल प्रतिनिधित्व बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नीति निर्माण को अधिक समावेशी, संवेदनशील और प्रभावी बनाने की दिशा में एक ठोस पहल है। यह बातें भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ सुहेली मेहता ने प्रेस कांफ्रेस के दौरान पत्रकारों से कही। कहा कि इसके लागू होने से महिलाएं नीति की लाभार्थी से आगे बढ़कर नीति निर्माता की भूमिका में आएंगी, जो विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला सिद्ध होगा। बताया गया कि जब निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती है तो शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा, जल एवं स्वच्छता जैसे विषयों को अधिक प्राथमिकता मिलती है। यह भी पढ़ें- महिलाओं...