वाराणसी, अगस्त 11 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। सर्वाइकल कैंसर की सैंपलिंग के लिए महिलाओं को अस्पताल या जांच केंद्र तक जाने की जरूरत नहीं है। महिलाएं खुद अपना एचपीवी (ह्यूमन पेपोलोमा वायरस) सैंपल ले सकेंगी। इसकी सटीकता 74.5 फीसदी है। यह तरीका उन महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है, जो सामाजिक, आर्थिक, दूरी या झिझक के कारण जांच नहीं करा पातीं। यह खुलासा आईएमएस बीएचयू के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के अध्यक्ष एवं आईएमएस बीएचयू के डीन रिसर्च प्रो. मनोज पांडेय के शोध में हुआ है। शोध में भारत, अफ्रीका, अमेरिका सहित 31 अध्ययनों और 98,346 महिलाओं के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। पाया गया कि एचपीपी सेल्फ सैंपलिंग की संवेदनशीलता 74.5 फीसदी रही। यानी यह कैंसर से पहले की गंभीर स्थिति (सीआईएन 2 ) को काफी हद तक पहचानने में सक्षम है। हालांकि डॉक्...