संतकबीरनगर, मार्च 8 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में माह-ए-रमजान में लोग इबादत में मशगूल हैं। यह रहमत, बरकत व मगफिरत का महीना है। इस पाक महीने में जहां हर मुसलमान ज्यादा से ज्यादा इबादत, रोजा, नमाज व तिलावत में मशगूल रहता है वहीं घर की महिलाओं पर सहरी व अफ्तार की तैयारियों का अतिरिक्त बोझ बढ़ जाता है। उनका अधिकतर समय किचन में गुजर जाता है। इबादत के लिए पूरा वक्त नहीं निकाल पातीं।माह-ए-रमजान मोकद्दस महीने का दूसरा अशरा मगफिरत का चल रहा है । इस अशरे में लोग अधिक से अधिक इबादत व जिक्र-ओ-अजकार कर अल्लाह से मगफिरत करवा रहे हैं। सेमरियावां स्थित मदरसा तालीमुल कुरान के मौलाना गुफरान नदवी ने कहा रमजान सिर्फ मर्दों के लिए नहीं, बल्कि महिलाओं के लिए भी बराबर सवाब का महीना है। ऐसे में जरूरी है कि सेहरी व अफ्तार की जिम्मेदारी केवल ...
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